सभी अड़चनों को पार पाकर अब शुरु होगा राम मंदिर निर्माण!

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राम मंदिर निर्माण

भगवान श्री राम हिंदुओं के आराध्या माने जाते है। हिंदू प्रतिवर्ष दीवाली का त्यौहार बड़े धूमधाम से मनाते है। दीवाली इसलिए मनाई जाती है क्योंकि इस दिन भगवान श्री राम 14 साल का वनवास पूरा करके अयोध्या लौटे थे।

भगवान श्री राम के लौटने पर अयोध्यावासी खुशी में इस दिन को दीवाली के रुप में मनाया, जिसके बाद प्रत्येक वर्ष इसको दीवाली के त्यौहार के रुप में हिंदू मनाने लगे। लेकिन कई वर्षो से दीवाली को बिना राम मंदिर के ही मनाते आ रहे है।

कई दशकों से कोर्ट में राम मंदिर निर्माण के लिए मामला लंबित था, लेकिन पिछले वर्ष नवंबर में राम मंदिर निर्माण के पक्ष में कोर्ट का फैसला आया। कोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार ने इस वर्ष की शुरुआत में राम मंदिर ट्रस्ट ‘श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र’ की घोषणा की। जिसकी देखरेख में ही राम मंदिर का निर्माण होगा और सभी फैसले लिए जायेंगे।

दरअसल, ‘श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट के द्वारा राम मंदिर भूमि पूजा के लिए 3 और 5 अगस्त की तारीख को प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई। जिसमें 5 तारीख को PMO द्वारा अंतिम किया गया। ‘श्री राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र’ ट्रस्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंदिर निर्माण के भूमि पूजन के लिए न्यौता भी भेजा, जिसको स्वीकार भी कर लिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को सुबह दिल्ली से अयोध्या पहुंचेंगे। जिसके बाद उनके हाथों से ही राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन होगा।

5 अगस्त को होगा सैंकड़ो वर्षो का सपना पूरा

6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में कारसेवकों द्वारा बाबरी मस्जिद का ढाँचा गिराया गया था। कारसेवकों का कहना था कि मंदिर को तोड़कर यहाँ मस्जिद बनाई गई थी। जिसके बाद मामला कोर्ट में चला गया। तकरीबन 27 साल मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में चला।

गत वर्ष नवंबर में कोर्ट का फैसला राम मंदिर निर्माण के लिए आया। लेकिन यह केवल 27 साल की प्रतीक्षा नहीं बल्कि सैकड़ों साल की तपस्या थी। यह बुराई पर अच्छा की जीत एवं अन्याय के खिलाफ न्याय की लड़ाई थी। जिसका न्याय कई वर्षो से कई हिंदुओं को खोने के बाद मिला।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एवं ट्रस्ट के द्वारा भूमि पूजन की तारीख आने के बाद PIL गैंग सक्रिय हो गई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट में राम मंदिर भूमि पूजन पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर की गई थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।

5 अगस्त का होगा इतिहास में नाम

2019 में जब भाजपा की केंद्र में लगातार दूसरी बार सरकार बनी थी तो 90 दिन के अंदर 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को हटा दिया गया था। उसके बाद अब राम मंदिर निर्माण के लिए भी 5 अगस्त की तारीख को ही चुनी गई है।

जिस दिन मंदिर निर्माण का भूमि पूजन होगा, उस दिन धारा 370 की समाप्ति का एक वर्ष होगा। विपक्ष हमेशा इस बात पर भाजपा को घेर कर रखता था कि मंदिर हम बनायेंगे लेकिन तारीख नहीं बतायेंगे। अब राफ़ेल की रेट और राम मंदिर निर्माण की डेट पूछने वाले गायब हो गए है।

भूमि पूजन में शामिल हो सकते है कई राजनेता

5 अगस्त को जब अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन होगा, तब कई नेताओं के शामिल होने की चर्चा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ राम मंदिर आन्दोलन से जुड़े मुख्य लाल कृष्ण आडवाणी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, कई राज्यों के मुख्यमंत्री और राज्यपाल आ सकते है। राम मंदिर ट्रस्ट के द्वारा अभी तक कोई ऑफिशिअल स्टेटमेंट नहीं आया है।

 

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