सावन के महीने में, इन उपायों को करने से पूरी होगी मनोकामनाएं !

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Sawan-Month-2020

सावन का महीना

सावन का महीना भगवान शिव के भक्तों के लिए बड़ा ही पवित्र महीना होता है। इस वर्ष 6 जुलाई को सावन का महीना प्रारंभ हो रहा है जबकि इसका अंत 3 जुलाई को होगा।भगवान शिव को सावन का महीना बहुत प्रिय है।

इस महीने जो शिव भक्त सच्चे मन से भगवान शिव की भक्ति करता है। उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है। पुराणों के अनुसार सावन के महीने में प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव की आराधना करने पर इच्छित फल की प्राप्ति होती हैं।

आज हम आपको ज्योतिषशास्त्र के ऐसे उपायों के बारे में जानकारी देंगे। जिनको करने से भगवान शिव आप पर प्रसन्न हो जाएंगे और आपको इच्छित फल की प्राप्ति होगी।

प्रत्येक सोमवार को यह उपाय करें!

सावन के महीने में सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए पवित्र होता है। सावन के महीने के प्रत्येक सोमवार को आपको सुबह जल्दी उठकर स्नान करके श्वेत  वस्त्रों में शिव मंदिर जाकर शिवलिंग पर कच्चे दूध का अभिषेक करना है।

अभिषेक करते समय आपको “ॐ नमः शिवाय मंत्र” का जाप करना है।

ध्यान रहे जब तक आप अभिषेक स कर रहे हैं। तब तक आपको इसी मंत्र का जाप लगातार करते रहना है।

सावन मास में इस उपाय को करने से शिव भक्तों को पारिवारिक समस्याओं से निजात मिलता है।

बेलपत्र से प्रत्येक सोमवार को करें यह उपाय!

शिव पुराण के अनुसार भगवान शिव को बेलपत्र बड़ा ही प्रिय होता है। इसलिए सावन मास के प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग पर बेलपत्र को चढ़ाना चाहिए।

बेलपत्र को चढ़ाने से पहले कुमकुम से बेलपत्र पर लिखकर शिवलिंग के शीर्ष पर बेलपत्र को रखें और उस पर जल से शिवलिंग पर अभिषेक करें।

अभिषेक करते समय इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय

नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:॥

मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय

मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे म काराय नम: शिवाय:॥

शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय

श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै शि काराय नम: शिवाय:॥

अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्।

अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्।।

सावन के महीने में इस उपाय को करने से धन की प्राप्ति होती है तथा व्यापार में चल रहे उतार-चढ़ाव और घाटों से मुक्ति प्राप्त होती है।

कुंवारी कन्याएं ये उपाय करें !

कुंवारी कन्याएं सावन के महीने में प्रात जल्दी स्नान करके पीपल के पेड़ की पूजा करके उसे सिंचना चाहिए। पीपल के पेड़ की पूजा करने के लिए कन्याओं को पीपल के पेड़ पर तिलक लगाकर चावल चढ़ाए।

उसके बाद पीपल के पेड़ को मौली बांधकर एक घी का दीपक जलाएं। तत्पश्चात पीपल के पेड़ में पानी डालें। पीपल के पेड़ में पानी डालते वक्त कन्याओं को “ऊँ उमामहेश्वराभ्यां नमः” मंत्र का मन में जाप करना चाहिए।

पुराणों के अनुसार सावन के महीने में इस उपाय को करने से कन्याओं को धनी और गुणी वर की प्राप्ति होती है।

कुंवारे पुरुष करें यह उपाय !

जिन पुरुषों का ग्रह दोष और कुंडली दोष के कारण विवाह नहीं हो पाता है। उन पुरुषों को सावन मास के प्रत्येक सोमवार को शिवलिंग पर पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) का अभिषेक करना चाहिए।

शिवलिंग पर अभिषेक करते समय उन्हें इस मंत्र का जाप करना चाहिए।

हे गौरी शंकरार्धांगी। यथा त्वं शंकर प्रिया।

तथा मां कुरु कल्याणी, कान्त कान्तां सुदुर्लभाम्।

इस मंत्र का जाप करने से कुंवारे पुरुषों को रूपवती वधू प्राप्त होती है।

धन प्राप्ति हेतु उपाय !

जिन लोगों की नौकरी नहीं लगती है या धन की समस्या से हमेशा परेशान रहते हैं। उन लोगों को सावन के महीने में प्रत्येक सोमवार को भगवान शिव का व्रत रखना चाहिए। उन्हें सावन के पूरे महीने दाढ़ी और बालों को नहीं कटवाना चाहिए। प्रत्येक सोमवार उन्हें शिवलिंग पर जल या कच्चे दूध से अभिषेक करना चाहिए।

उन्हें सावन महीने के अंतिम सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने के पश्चात, भगवान शिव को अर्पित किए गए पुष्प को अपनी तिजोरी में या पर्स में रखना चाहिए।

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