सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) अब बेटी नहीं रहेगी बोझ!

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सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)

Sukanya Samriddhi Yojana has been started by the Prime Minister. Beti Bachao comes under ‘Beti Padhao Scheme’. The Government of India has taken a unique initiative to remove the prevailing evil practices and create a bright future for them.

प्रधानमंत्री के द्वारा के द्वारा सुकन्या योजना का प्रारंभ किया गया है।’ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना’ के अंतर्गत आती है। समाज में व्याप्त कुप्रथा को हटाकर उनके उज्जवल भविष्य बनाने के उद्देश्य भारत सरकार ने एक अनूठी पहल की है।

भारत सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने की साथ ही उन पर हो रहे अत्याचार को जड़ से समाप्त करने के लिए इस योजना को शुरू किया है। बेटियों शिक्षित होना बेहद आवश्यक है।

समाज में दहेज़ प्रथा जैसी कुरीतियों हल निकालने के लिए भी इस योजना को तैयार किया गया जिससे कि छोटी की बचा से उनके भविष्य में ज़रूरतों को पूरा किया जा सके, अभिभावकों को बेटी की विवाह यह शिक्षा दीक्षा के लिए किसी भी प्रकार से बेटी को बोझ ना समझे।

सबसे अहम बात यह है, कि इस योजना से अभिभावक सहित बेटी के सपनों को साकार करने में सक्षम है। सुकन्या समृद्धि योजना ( SSY) मूल रूप से भारतीय बेटियों के लिए है।

इसके लिए अभिभावक को अपनी 10 साल की आयु तक की बच्ची का खाता खुलवा सकेंगे ,और इसके लिए आपको बहुत अधिक दस्तावेज़ों की भी आवश्यकता नहीं है।

आपको अपने निकटतम डाकघर या बैंक में जाकर आवश्यक डाक्यूमेंट्स देना होगा। इसके साथ ही कम से कम 250 और अधिकतम 1.5 लाख रुपए अपने सामर्थ्य के अनुसार आप निवेश कर सकते हैं।

योजना से जुड़ी प्रमुख बातें:

  • आपको इस योजना का लाभ बेटी के 18 साल पूरे होने पर या तो उच्च शिक्षा अथवा शादी के लिए 50 फ़ीसदी जमा की गई धनराशि आवश्यकता पड़ने पर निकाली जा सकती है।
  • इस योजना से जुड़ जाने पर आपको बेटी की शिक्षा एवं विवाह को लेकर अधिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी।
  • ऐसा नहीं है ,कि यह योजना 10 वर्ष से ही प्रारंभ होगी यदि आपकी बेटी 9 वर्ष की है ,उस दौरान भी या खाता खोला जा सकता है, परंतु ऐसी स्थिति में आपको उसके 24 वर्ष की आयु पूर्ण  कर लेने तक पैसा खाते में आपको जमा करना होगा।
  • सबसे ध्यान में रखने वाली बात है ,कि एक बच्ची के नाम पर एक ही खाता खुल सकता है।
  • इसके साथ ही जमा की गई राशि पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80C p के अंतर्गत आयकर में विशेष छूट मिलती है।
  • जबकि बाद में या प्रतिवर्ष ₹500  एक बार में जमा कराना अनिवार्य है।
  • सुकन्या समृद्धि योजना में PPF की तुलना में ज्यादा ब्याज प्राप्त होता है।
  • इसके अतिरिक्त यदि आपकी बेटी की आयु 10 वर्ष से अधिक है  ऐसे में आप PPF में निवेश कर सकते हैं।

सुकन्या स्कीम के तहत किन दस्तावेज़ों को लगाने आवश्यकता होगी? Sukanya Samriddhi Scheme

  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपको अपने निकटतम डाकघर या अधिकृत बैंक में जाकर खाता खोलना पड़ेगा, विशेष बात यह है ,कि 10 वर्ष की आयु की बेटी के नाम पर ही खाता को सकेगा
  • वैधानिक अभिभावक ही अपनी बेटी के खाते खुलवाने योग्य होगे।
  • खाता खोलने के दौरान फॉर्म भर बेटी से संबंधित पूरी जानकारी भरनी होगी
  • इसके अतिरिक्त अभिभावक का पता एवं पहचान को प्रमाणिक करने के लिए रूप देने होंगे संक्षिप्त में आपको केवाईसी की पूर्ण करानी होगी।
  • इस योजना के तहत आपको एक फॉर्म दिया जाएगा SSA-1 जिसे पूर्ण रूप इसके साथ ही आवश्यक दस्तावेज़ लगाने होंगे
  • बैंक या डाकघर की तरफ से आपको कुछ दस्तावेज़ वेरीफिकेशन के लिए प्राप्त होंगे, इसी के साथ आपका खाता खुल जाएगा
  • बेटी की खाते खुलते ही अकाउंट होल्डर को पासबुक सौंप दी जाएगी

(SSY) योजना के तहत खाता खुलवाने वाले अभिभावकों को इनमें से कोई एक दस्तावेज जमा करने होंगे जो कि निम्न है: Sukanya Yojana Scheme

  • एड्रेस प्रूफ
  • ड्राइविंग लाइसेंस
  • बिजली का बिल
  • राशन कार्ड
  • इस स्कीम को अभिभावक बेटी की शिक्षा या विवाह के उपयोग में तब तक नहीं ले सकता ।जब  तक वह 21 वर्ष की आयु पूर्ण ना कर चुकी हूं।
  • इसके अतिरिक्त पहचान के प्रूफ के तहत आप पासपोर्ट, आधार कार्ड या फिर पैन कार्ड लगा सकते है। बेटी के जन्म का प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा

पेनल्टी किस स्थिति में लगती है?

सुकन्या समृद्धि खाते में न्यूनतम जमा न  होने की स्थिति में  खाता अनियमित मान लिया जाता है ।

ऐसे में  50 रुपये वार्षिक रूप से पेनाल्टी देकर नियमित कराया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त प्रतिवर्ष के लिए कम से कम जमा कराई जाने वाली निर्धारित रकम भी खाते में डालनी होगी।

पेनल्टी न चुकाने पर कि स्थिति में  सुकन्या समृद्धि खाते में जमा राशि  पर पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट के बराबर ब्याज प्राप्त होगा। जो कि अभी करीब 4 फीसदी है।

यदि सुकन्या समृद्धि खाते पर ब्याज अधिक ब्याज अदा किया जा चुका है । ऐसे में रिवाइज करने का विकल्प आपके मौजूद होता है।

सुकन्या समृद्धि खाते में रकम कैसे जमा करते हैं ?

सुकन्या समृद्धि खाते  में रकम आप विभिन्न माध्यम से जमा कर सकते हैं जैसे कि कैश, चेक, डिमांड ड्राफ्ट के अतिरिक्त ऐसे किसी इंस्ट्रूमेंट से रकम जमा करने की विकल्प दिए जाते हैं।

जिसे बैंक  पूर्ण रूप से स्वीकार हो. इसके लिए आपको  पैसे जमा करने वाले के साथ ही  खाताधारक का नाम अनिवार्य है।

सुकन्या समृद्धि खाते में इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर मोड के द्वारा भी पैसा जमा करने का विकल्प है परंतु इसके लिए एक शर्त है जिसके तहत आपको उस पोस्ट ऑफिस या बैंक में कोर बैंकिंग सिस्टम  होना चाहिए।

यदि सुकन्या समृद्धि खाते में चेक या ड्राफ्ट से पैसे जमा होते है तो क्लियर होने के बाद से उस पर ब्याज मिल सकेगा जबकि ई-ट्रांसफर के होने की स्थिति में डिपॉजिट के दिन से यह कैलकुलेट किया जाएगा।

ब्याज की गणना (calculation) करते हैं:

सरकारी बॉन्ड की यील्ड के आधार पर होता है यह हर तिमाही सरकार ब्याज दर निर्धारित करती है. इसमें खातेधारक को ब्याज दर सरकारी बॉन्ड की तुलना में 0.75 फीसदी तक अधिक प्राप्त होती  है।

योजना को किन परिस्थितियों में बंद किया जा सकता है?

  • यदि किसी वजह से खाताधारक की मृत्यु हो जाती है ।तो ऐसी स्थिति में आपको खाताधारक का मृत्यु सर्टिफिकेट प्रस्तुत करके ,खाता बंद किया जा सकता है।
  • ऐसे में अभी अभिभावक को जमा की गई राशि से पैसे ब्याज सहित मिल जाते हैं।
  • इसके अतिरिक्त यदि आपकी बेटी को किसी गंभीर बीमारी अपने शिकंजे में ले लिया है, तो ऐसी स्थिति में भी आप 5 वर्ष की अवधि के लिए खाते को बंद कर सकते हैं।

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