आख़िर कैसा होगा COVID-19 के बाद का हमारा जीवन

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Covid-19

चीन के वुहान शहर से नवम्बर-2019 में उत्पन्न वायरस जिसे कोरोना वायरस के नाम से पुरे विश्व में जाना जा रहा है। कोरोना वायरस ने भारत में ही नहीं पुरे विश्व में तबाही का महौल पैदा कर दिया है।

  • वायरस का नाम कोरोना क्यों पड़ा:- कोरोना वायरस या कई वायरस विषणुओं का संग्रह है। कोरोना शब्द का लैटिन भाषा में मतलब होता है काउन या मुकुट, कोरोना प्लामा की एक आभा को भी कहा जाता है जो सूर्य और अन्य सितारो के चारो ओर होती है। वैज्ञानिको ने जब कोरोना वायरस को श्केस्ट्रॉन माइकोस्कोप के जरिये देख तो वायरस काउन या सूर्य के कोरोना जैसा दिखाई दिया। ये वायरस गोल है एवं इसकी सतह पर सूर्य के कोरोना की तरह प्रोटीन की स्टेन्स यानि शाखाए उगी हुई है, जो हर दिशा में फैलती हुई महसूस होती है जैसे की सूर्य की आभा की किरणे इस कारण इसका नाम कोरोना रखा गया है।
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस का आधिकारिक नाम COVID-19 रखा था, इसमे

                   CO=CORONA
                   VI=VIRUS
                   D=DISEASE
                   19=YEAR 2019

  • कैसे पैदा हुआ कोरोना वायरस :- कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना वायरस कि उत्पति चीन में चमगादड़ो के कारण उत्पन्न हुआ है। लेकिन अभी इस बात को लेकर कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं|

आख़िर कैसा होगा COVID-19 के बाद का हमारा जीवन और लाने होंगे क्या-क्या बदलाव-

आज हम जिस कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहें हैं, इसमें हमें स्व्यं को नहीं पता कि आख़िर हम इससे कब तक निकाल पाएंगे| covid-19 का यह दौर एक ऐसी त्रासदी लेकर आया हैं, जिसने पूरे विश्व को अपने चंगुल मैं जकड़ लिया हैं| पूरा विश्व इससे छुटकारा पाने के लिए अपना पूरा सामर्थ्य इसके वैक्सीन को बनाने में झोंख रखा हैं| जब तक covid-19 की वैक्सीन नहीं बनती हैं, हमें इसके साथ ही जीना सीखना होगा| ऐसा भी हो सकता हैं कि कोरोना हमारे जीवन से कभी जाए ही ना या फिर यह बार-बार अपनी दस्तक इंसानी जीवन में देता रहें| ऐसी परिस्थितियों में आज हम इस लेख के द्वरा इस बात पर विचार करेंगे कि आख़िर कैसा होगा हमारा जीवन कोरोना के बाद! सच तो यह हैं कि कोविड-19 के दौरान एवं उसके बाद जीवन शैली में बदलाव की अति आवश्यकता हो गई है, कुछ ऐसे हि तथ्य जो सभी व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए अपने जीवन शैली का निर्वाह करना चाहिए।

Covid-19 के दौरान और इसके बाद हमारे जीवन में बदलाव के लिए 10 सुझाव-

कोविड-19 (कोरोना वायरस)- हमें हमारे लाइफ स्टाइल में निम्न परिवर्तन करने होंगे

खान-पान में परिवर्तन:- वर्तमान समय में कोविड-19 (कोरोना वायरस) एक ऐसी बीमारी है, जिसका किसी भी प्रकार की दवा या इलाज अभी तक विकसित नहीं हुआ हैं| इस बीमारी में बचाव ही सबसे बड़ा उपाय हैं| इसलिए प्रत्येक व्यक्तियों को अपने खान-पान के प्रतिदिन की शैली में बदलाव करना होगा। डॉक्टरो और वैज्ञानिको का कहना है कि कोरोना वायरस किसी भी मनुष्य के इम्यून सिस्टम (प्रतिरोध क्षमता) को कमजोर कर देती है, जिससे मनुष्यो के शरीर में बीमारी हाने लगती है।

वायरस गले से होते हुए श्वास नली के माध्यम से फेफड़ो में प्रवेश कर गंभीर रोगो से ग्रसित कर देता है, जिसके कारण व्यक्ति की मौत हो जाती है। अत: हमें इस बीमारी से खुद की रक्षा के लिए अपनी इम्यून सिस्टम को डिवैलप करना होगा| कोरोना ने लोगो की जीवन शैली और खानपान पर असर डाला है। ऐसे में संतुलित आहार ले कर खुद को संक्रमण से बचा सकते है। संक्रमण से बचने में आहार पोषक तत्व हमारे लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं। आहार विशेषणों की माने तो संकमण से बचाव की शक्ति शरीर के अन्दर ही है, जो फल सब्जियो और अनाज में मौजूद पोषक तत्वों से बढाई जा सकती है।

यात्रा के दौरान सतर्कता –  1) हवाई यात्रा 2) रेल यात्रा 3) सड़क यात्रा, इस बिमारी ने जिस प्रकार महामारी का रूप ले लिया है, ऐसे में सभी व्यक्ति को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना बहुत की आवश्यक हो तो यात्रा के दौरान प्रत्येक व्यक्ति को मास्क, गलब्स एवं हेन्ड सेनिटाइज़र आवश्यक रखना चाहिए एवं उसका उपयोग भी करना चाहिए।

सामाजिक दूरी का पालन करना:- प्रत्येक व्यक्ति को सभी जगहो पर चाहे वो, ऑफिस हो किराना दुकान, सब्जी मार्केट हो या शॉपिंग मॉल्स, ऐसे किसी भी स्थलो जहा भीड़ ज्यादा होती है, समाजिक दूरी बनाए रखना होगा। साथ ही सरकार के द्वारा समय समय पर दिये गये निर्देशो का पालन करना चाहिए।

शादी समारोह में शामिल होने के विशेष नियम:- महामारी के इस दौर से जिस तरह से पूरा देश गुजर रहा है, उसे देखते हुए अभी एवं आने वाल कुछ महिनों तक किसी भी व्यक्ति को शादी समारोह या ऐसे किसी भी समारोह से बचना चाहिए जहा ज्यादा भीड़-भाड़ कि गुन्जाईस होती है। यदि समारोह में जाना आवश्यक हो, तो सभी आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए| आज कल ऑनलाइन शादी का भी चलन काफी चल गया हैं| लोग चाहे, तो ऑनलाइन भी वर-वधू को आशीर्वाद दें सकते हैं|

शैक्षणिक संस्थाना एवं सरकारी कार्यालयो में सावधानी:- जैसा कि हम सभी जानते ही कि हम इस महामारी का प्रकोप बुजूर्गो बच्चो और गर्भवति महिलाओ पर अधिक है या ऐसा कह सकते है कि इनको खतरा ज्यादा है| ऐसे किसी भी व्यक्ति जिसे कोई अन्य बिमारी हो उसे भी खतरा ज्यादा है। ऐसे में शैक्षिणक संस्थानो को बहुत अधिक चौकन्ना रहने की आवश्यकता है, क्योंकि छोट-छोटे बच्चे इस महामारी के प्रकोप से बचाए जा सके| साथ ही साथ उन्हे इस महामारी से बचाव के लिए उन्हे जागरूक किया जा सके जैसे उन्हें मास्क पहनने के लिए बताया जाए, एवं खाना-खाने से पहले और समय समय-समय पर हाथो को अच्छे से धोने के लिए बताया जाए। कार्यालयों में इस महामारी से बचने के लिए समाजिक दूरी का ख्याल रखना अति आवश्यक है। साथ ही साथ पेपरलेस वर्क को बढ़ावा देना चाहिए।

निजी संस्थानो में सतर्कता:- निजी संस्थानो मे कर्मचारियों को ज्यादा घर पर रह कर कार्य करने के लिए प्रेरित करना चाहिए ताकि संस्थानो में अधिक भीड़ न हो एवं कार्य को भी समय पर पुरा किया जा सके।

पशु-पक्षियों के साथ व्यवहार:- महामारी के इस खराब दौर में हमे पशु-पक्षियों को नहीं भूलना चाहिए क्यो कि अगर जानवरो में यह बिमारी फैल गई तो इस महामारी का और भी विकराल रूप हमे देखना पड़ सकता है। अतः प्रत्येक व्यक्ति को अपने उपयोग में लाए गये मास्क, गलब्स इत्यादि को सुरक्षित स्थान पर ही फेकना चाहिए ताकि कोई भी पशु या पक्षि इसके समर्पक में न आ सके।

धार्मिक स्थलो पर सावधानी:- सभी व्यक्ति चाहे वो किसी भी धर्म से संबंधित हो, धार्मिक कार्यों हेतु धार्मिक स्थलो पर न जा कर अपने घरो पर ही पुजा-अर्चना करनी चाहिए| धार्मिक स्थलो पर जाने पर समाजिक दूरी का ख्याल रखना अति आवश्यक है

अस्पतालो में सतर्कता:- इस महामारी के लिए जहा स्वास्थ्यकर्मी दिन रात लगे हुए है, वहाँ आम लोगो को यह सलाह दी जाती है कि वो अनावश्यक अस्पतालो में न जाए। किसी भी हालात में अगर ज्यादा आवश्यक ना हों, तो अस्पताल नहीं जाना चाहिए क्योकि अस्पतालो मे बहुत से प्रकार के लोग आते जाते है, जो किसी न किसी बिमारी से ग्रसित हो सकते है, जिनका प्रभाव आप के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है।

सफाई पर अधिक ज़ोर देना:- इस महामारी के चपेट में आने से बचने के लिए अपने दिन चर्या में कुछ परिवर्तन करना अनिवार्य है।

  1. हाथो को साबुन या हैडवॉश से धोना।
  2. बाहर से लाए गये किसी भी समान को अच्छी तरह साफ कर के रखे|
  3. सब्जियो को लाने पर उसे भी अच्छे तरह धोना उसके बाद ही इस्तेमाल में लाना चाहिए|
  4. बाहर से घर आने पर घर में घुसते ही हाथो को साबुन से धोना व स्नान करना एवं कपड़ो को भी धोना आवश्वयक है।


सच तो यह हैं कि Covid-19 के बाद हमारा जीवन कैसे होगा यह हमारे ऊपर ही निर्भर करता हैं| हम जीतने हाइजीन तरीक़ों को अपनाएँगे, हमारी ज़िंदगी की गुणवत्ता उतनी अधिक बढ़ जाएंगी| उपयुक्त सभी सुझावों को हमें दिन-प्रतिदिन के रूटीन में अपनाने की अवशकता हैं| क्यूंकी ये सभी आदते हमें एक स्वस्थ्य जीवन जीने में मदद करती हैं| इन आदतों को अपना कर हम कोरोना के साथ भी और कोरोना के बाद भी एक बेहतर जीवन की उम्मीद कर सकते हैं|

 

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